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National Sports Day 2025: 'फिट इंडिया मिशन' के तहत मनाया जा रहा राष्ट्रीय खेल दिवस, इतिहास के बारे में पढ़िए यहां_我的网站

伤痕我心

A |     स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। National Sports Day 2025: 29 अगस्त... हर साल ये तारीख भारत में सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि खेलों के प्रति जुनून की नई शुरुआत होती है। जीत और जोश की एक नई प्रेरणा और मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाड़ी को याद करने का ये एक ऐतिहासिक मौका होता है।,29 अगस्त यानी आज का दिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में हर साल मनाया जाता है। हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। कहते हैं, जब मेजर ध्यानचंद (Major Dhyan Chand) हॉकी स्टिक थामते थे, तो गेंद खुद-ब-खुद गोलपोस्ट की राह पकड़ लेती थी। उनके खेल में जादू था, जो ना सिर्फ मैदान में विरोधियों को चौंकाता, बल्कि पूरे भारत को एक नई पहचान देता है। उनकी याद में राष्ट्रीय खेल दिवस 2012 से मनाया जा रहा है। ऐसे में जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।,साल 2025 का राष्ट्रीय खेल दिवस कुछ खास है, क्योंकि इस बार इसकी थीम है- 'एक घंटा, खेल के मैदान में' (Ek Ghanta, Khel ke Maidan Main), जिसका जरिया शांतिपूर्ण समाज की ओर है। खेल अब सिर्फ जीतने का जरिया नहीं रहा, बल्कि समाज को एकजुट करने का साधन बन रहा है।,खेल हमें सिखाता है कि भले ही हमारी भाषा, धर्म, रंग या विचार अलग हो, लेकिन मैदान में हम सब एक जैसे हैं और इसी संदेश के साथ 'Fit India Mission' का तीन दिवसीय जन आंदोलन, जो आज यानी 29 अगस्त से 31 अगस्त तक देशभर में चलाया जाएगा। इसका खास अभियान है- हर दिन, सिर्फ एक घंटा अपने शरीर और स्वास्थ्य को दीजिए।,

नेशनल स्पोर्ट्स डे का इतिहास

मेजर ध्यानचंद (1905-1979) का जन्म 29 अगस्त, 1905 को हुआ था। उन्हें (Major Dhyan Chand Birth Anniversary) दुनिया भर में "हॉकी का जादूगर" कहा जाता है, क्योंकि उनके पास ऐसा खेल कौशल था जो आज भी अविश्वसनीय माना जाता है। 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद का जन्म हुआ तो उन्हें याद किया जा सके और भारतीय खेलों में उनके योगदान को सम्मानित किया जा सके, इसलिए आज नेशनल स्पोर्ट्स डे (History of National Sports Day) मनाया जाता है।,वह भारतीय हॉकी प्लेयर थे, जिन्होंने भारत की कप्तानी की और 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल दिलाया। उनका खेल इतना प्रभावशाली था कि विरोधी टीम के खिलाड़ी भी उनके आगे नतमस्तक हो जाया करते थे।,

National Sports Day Importance

  • महान खिलाड़ियों को श्रद्धांजलि: मेजर ध्यानचंद और अन्य बड़े खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया।
  • खेलों को बढ़ावा देना: यह दिन हमें खेल खेलने, फिट रहने, टीमवर्क और मेहनत करने की प्रेरणा देता है
  • पुरस्कार समारोह: भारत के राष्ट्रपति खिलाड़ियों को सबसे बड़े खेल पुरस्कार जैसे खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और ध्यानचंद पुरस्कार देते हैं।
  • राष्ट्रीय अभियान: सरकार, स्कूल, कॉलेज और खेल संस्थान मिलकर कई कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और जागरूकता गतिविधियां करते हैं ताकि लोगों को खेलों और स्वस्थ जीवन के फायदे बताए जा सकें।
  • खेलों वाला देश बनाना: राष्ट्रीय खेल दिवस खेल के मैदान, छोटे-छोटे खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देता है और भारत को दुनिया का एक बड़ा खेल देश बनाने का सपना दिखाता है।

राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 समारोह (29 अगस्त से 31 अगस्त तक)

लक्ष्य: हर किसी को रोजाना कम से कम एक घंटा बाहर खेल-कूद और व्यायाम करने के लिए कहा जाएगा।

तीन दिन का कार्यक्रम:-

पहला दिन (29 अगस्त): मेजर ध्यानचंद (Why National Sports Day celebrated) को आज याद किया जाएगा, फिट इंडिया का वादा किया जाएगा, और एक घंटे तक खेल खेले जाएंगे। दिन दूसरा (30 अगस्त): खेलों पर चर्चा और फिटनेस के बारे में बातें होंगी। साथ ही खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल, बोरा दौड़ और रस्साकशी जैसी खेल प्रतियोगिताएं भी होंगी। दिन तीसरा (31 अगस्त): फिट इंडिया के तहत इस दिन साइकिल चलाने को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि लोग रोजाना साइकिल चलाना अपनाएं। यह भी पढ़ें- राष्ट्रीय खेल दिवस पर पटना में खेले जाएंगे खेल, दौड़-योग और साइकिलिंग में दिखेगा उत्साह यह भी पढ़ें- राष्ट्रीय खेल दिवस पर खिलाड़ियों को मिलेगा करोड़ों का इनाम, खेल मंत्री रेखा आर्या ने की बड़ी घोषणा यह भी पढ़ें- मनु भाकर और डी गुकेश सहित 4 लोगों को मिला खेल रत्न अवॉर्ड, स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स में रहा पैरा एथलीट्स का जलवा, देखें Video。

B |     शुजाउद्दीन, पूर्वी दिल्ली। पंजाब के गैंगस्टर यमुनापार में अपनी बादशाहत कायम करने में लगे हुए हैं। पिछले आठ माह में पंजाब के गैंगस्टरों ने चार बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बताया गया कि दो वारदात ऐसी भी है जब पुलिस ने केस दर्ज किया, उसके चंद दिनों बाद बदमाशों ने पंजाब से यमुनापार आकर पीड़ितों के घर के पास गाेलियां चला दी। भले ही उन बदमाशों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन पंजाब के बदमाशों ने निगाहें यमुनापार पर गड़ा रखी हैं।,वहीं, वारदात के बाद बदमाशों का दुबई के सट्टेबाजों से कनेक्शन सामने आ जाता है। लेकिन वह कनेक्शन पुलिस के पेपर पर नहीं आ पाता है। वारदात करने वाले बदमाशों तक ही मामला सिमट कर रह जाता है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यमुनापार के बुकी दुबई में बैठकर एप के जरिये भारत में सट्टा आपरेट कर रहे हैं। यह सट्टा आपरेटर यमुनापार में अपने क्षेत्र के प्रमुख लोगों को भांप लेते हैं। पंजाब के कुख्यात बदमाशों ने भी अपना ठिकाना दुबई के साथ ही अन्य देश में बनाया हुआ है।,यमुनापार में जिन लोगों के साथ पंजाब के बदमाशों ने पिछले आठ माह में वारदात की है, वह कहीं न कहीं चोरी छिपे आनलाइन सट्टे से भी जुड़े हुए थे। इसलिए वह पंजाब के बदमाशों के निशाने पर आए। बता दें कि वारदात के बाद पुलिस पंजाब के बदमाशों को पकड़ तो रही है, लेकिन उस चेन को नहीं ताेड़ पा रही है जिनके जरिये बदमाश खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पंजाब के बदमाशों ने मंडावली, कल्याणपुरी, आनंद विहार व जगतपुरी थाना क्षेत्र में अंजाम दी है। भुल्लर समेत कई गिरोह यहां आकर वारदात कर रहे हैं।,

थाने में केस होने के बाद पंजाब से आकर की थी फायरिंग

केस - एक

मार्च 2025 में जगतपुरी थाने के एक बड़े बुकी से पंजाब के गैंगस्टरों ने चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी की रकम न देने पर बदमाशों ने पहले उसकी कार पर गोलियां चलाई। जगतपुरी थाना ने रंगदारी का केस दर्ज किया। जब यह बात गैंगस्टरों को पता चली तो उन्होंने पंजाब से आकर अप्रैल में बुकी के घर पर गोलियां चलाई थी। जगतपुरी थाना ने फिर से केस दर्ज किया। मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था।,आनंद विहार इलाके में रहने वाले मेडिकल उपकरण बनाने वाले एक कारोबारी से पंजाब के गैंगस्टर ने पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मार्च 2025 में मांगी थी। आनंद विहार थाना पुलिस ने रंगदारी का केस दर्ज किया। इसके चंद दिनों के बाद पंजाब के बदमाशों ने कारोबारी के घर के बाहर आकर गोलियां चलाई थीं। यह दोनों वारदात जयपाल भुल्लर गिरोह ने अंजाम दी थी।,यह भी पढ़ें- दिल्ली के न्यू अशोक नगर में स्पेशल सेल ने किया एनकाउंटर, लॉरेंस गैंग के 2 बदमाश दबोचे, एक के पैर में लगी गोली भुल्लर को पंजाब पुलिस ने वर्ष 2021 में मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। गिरोह की कमान विदेश में बैठे अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डल्ला जो अलगाववादी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स का मुखिया भी है, उसने संभाल रखी है। पुलिस ने भुल्लर गिरोह के तीन बदमाशों को इन दोनों रंगदारी केस में गिरफ्तार किया था।。

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Published on:11:41:55


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